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भैया गांड में धीरे से घुसाओ दर्द होता है

भैया गांड में धीरे से घुसाओ दर्द होता है मैं कितना बड़ा गांडू हूँ.. आपको मेरी कहानी पढ़कर ही पता चल जाएगा.. पर मैं करूँ क्या.. मुझे गांड मारना बहुत अच्छा लगता है।
मैंने गांड मारने के लिए अपनी जवान खूबसूरत बहन को किस तरह से राजी किया.. और वो भी तब.. जबकि वो कह रही थी- भैया गांड मत मारो.. प्लीज.. बहुत दर्द होता है..
पर मैं छोड़ने वाला नहीं था, मुझे बुर में चोदना अच्छा नहीं लगता है।
मैं आपको पूरी कहानी सुनाता हूँ।

मैं मोंटी.. दिल्ली का पंजाबी मुंडा हूँ, मैं दिन भर मस्ती करता हूँ, रात को डिस्को पार्टी.. पब.. यही मेरा काम है।
मेरे घर में मैं, मेरी अठारह साल की बहन और मेरी माँ.. हम तीन जन रहते हैं।
मेरे पापा कनाडा में जॉब करते हैं। हम तीनों अपने बाप के पैसे से खूब मस्ती करते हैं। माँ भी चुदक्कड़ हैं.. वो भी शाम होते ही अपने किसी आशिक के पास चली जाती हैं।

मेरी बहन काफी अच्छी है.. वो आज तक किसी से चुदी नहीं है। वो बड़ी ही हसीन नैन नक्श की लड़की है.. चूचे बड़े-बड़े.. गांड चौड़ी.. एकदम फक्क गोरी.. गाल गुलाबी.. रसीले होंठ..
उसके दीवाने तो बहुत हैं.. पर वो ज्यादा किसी को भाव नहीं देती। मैं कामयाब रहा अपनी बहन को गांड मारने में तैयार करने में।

एक दिन की बात है.. मैं और मेरी बहन दोनों घर पर थे, माँ बोलीं- मैं आज रात को नहीं आ पाऊँगी.. मैं अपने दोस्त के यहाँ जा रही हूँ.. उसके यहाँ फंक्शन है.. तुम लोग पिज़्ज़ा मंगवा कर खा लेना।
माँ चली गईं.. हम दोनों बहन-भाई ने प्लान बनाया कि आज रात को बियर पिएंगे और तंदूरी चिकन खाएंगे।

रात को करीब दस बजे खाना खाया और बियर पी.. मैंने बियर में थोड़ी सी व्हिस्की भी मिला दी थी। कभी-कभी मम्मी व्हिस्की पीती हैं उन्हीं की बोतल में से ले ली।
मैंने जितना व्हिस्की निकाली.. उतना पानी डाल दिया ताकि माँ को शक ना हो कि हम लोगों ने उनकी व्हिस्की पी है।

मेरी बहन ने कहा- भैया आज का बियर तो काफी स्ट्रांग है.. मुझे तो काफी नशा आ गया।
मैंने कहा- हाँ लग तो ऐसा ही रहा है।
वो उठी और बाथरूम जाने लगी.. वैसे ही वो लड़खड़ा कर गिरने लगी.. मैंने उसको संभाला.. पर उसी चक्कर में बहन के गोल-गोल बड़े चूचे मेरे हाथों में आ गए।

बहन झूमते हुए बोली- हम्म्म्म.. नॉटी भाई.. क्या किया तुमने?
मैं- कुछ भी तो नहीं..
बहन- तो ऐसे ही मेरे चूचे दबा दिए?
मैं- अरे यार तो क्या हुआ.. गलती से दब गए..
बहन- तो जोर से क्यों नहीं दबाए?
मैं- जोर से? क्यों तुम्हें अच्छा लगेगा क्या?

बहन- अभी आती हूँ.. आज तुम्हें गिफ्ट दूँगी.. आज तो खुश कर दिया बियर पिला के.. और हाँ सिगरेट है..? अभी आती हूँ वाशरूम से.. जला के रखना..

मेरी बहन वाशरूम में गई और वापस पेशाब करके आई। मैंने सिगरेट जला के उसे दे दी.. वो कश पर कश लगाने लगी.. मैं भी कश लगा रहा था..
उसके बाद बोली- आज मजा आ गया..
तो मैंने कहा- मजा तो आ गया चिकन भी था.. बियर भी थी.. पर ‘वो’ नहीं रहने की वजह से मजा थोड़ा फीका हो गया।

तो मेरी बहन बोली- क्या है यार.. साफ़ साफ़ बोलो.. आज तुम्हें सब कुछ मिलेगा।
मैंने कहा- क्या आज हम दोनों सेक्स कर सकते हैं.. किसी को पता भी नहीं चलेगा।
तो मेरी बहन बोली- नहीं यार.. ये मेरे से नहीं होगा.. मैंने आज तक सेक्स नहीं किया है।

मैंने कहा- नहीं किया.. तो आज कर लो तुम तो मस्त माल हो गई हो.. अभी तुमको चुदने में काफी अच्छा लगेगा। आज तो मौका है ही.. अगर तुम आज मेरे से नहीं चुदी.. तो आने वाले समय में किसी और से चुद जाओगी.. क्यों ना घर का माल घर में रह जाए।

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मेरी बहन तैयार हो गई.. बोली- देख भाई.. मैं तुम्हें चूत में घुसाने नहीं दूँगी क्योंकि मैं अपनी वर्जिनिटी.. मैं अपनी बर्थडे पर खोना चाहती हूँ। तू चाहे तो गांड मार ले।

मेरा तो ख़ुशी का ठिकाना ना रहा.. क्योंकि मुझे तो गांड मारना ही पसंद है। फिर क्या था हम दोनों एक-दूसरे की बाहों में झूमते हुए बेडरूम में पहुँच गए।

अब मैंने अपनी बहन के एक-एक करके सारे कपड़े उतार दिए। वो गजब की हॉट लग रही थी.. बड़े-बड़े चूचे.. मस्त गोरा शरीर.. पिंक होंठ.. चूत के पास हल्के-हल्के रेशमी सुनहरे बाल.. गोल-गोल उभरी हुई गांड.. जब वो चलती.. तो दोनों तरफ के चूतड़ एक-दूसरे को सहलाते हुए मटकते बहुत ही कामुक लगते थे।
वो लेट गई।

मैंने अपनी बहन के होंठ को चूसना शुरू किया.. फिर चूचे दबाना.. आह्ह.. मजा आ गया, उसके दोनों निप्पलों को जब बारी-बारी से अपने दांत से दबा रहा था.. तो वो बस ‘आआह्ह… आआआहह.. आआआहह.. उफ्फ्फ्फ्फ़..’ कर रही थी।

वो बार बार अंगड़ाई ले रही थी। फिर मैंने चूत को चाटना शुरू किया.. पर बहन बोली- आज नहीं.. तू बर्थडे पर चाट लियो.. तू ही मेरी वर्जिनिटी का मालिक रहेगा।

अब वो पेट के बल लेट गई।
मैंने उसके कंधे से पीठ से चूतड़ से जांघ से नीचे पैर तक चाटना शुरू किया और फिर गांड को चाटने लगा। मैंने दोनों हाथ से उसके चूतड़ों को अलग-अलग किया और गांड के छेद पर जीभ को रखा और जीभ को लपलपाने लगा।

वो तो इतनी कामुक हो गई यार.. कि बता नहीं सकता। वो तो ऐसी-ऐसी आवाजें निकाल रही थी.. कभी तो लग रहा था कि जैसे उसे दर्द हो रहा हो.. कभी लग रहा था कि उसे ठण्ड लग रही हो.. तो कभी लग रहा था कि किसी ने पेट में च्यूंटी काट ली हो।
फिर मैंने अपने लण्ड पर ऊपर थोड़ा थूक लगाया और अपनी बहन की गांड में पेल दिया।

वो कराहने लगी और उसकी आँख में आंसू आ गए.. जबकि अभी तक मेरे लण्ड का सुपाड़ा ही अन्दर गया था।
मैंने उसको सहलाया और फिर से कोशिश की.. चार-पांच झटकों में ही पूरा लण्ड अन्दर चला गया।

मेरी बहन बार-बार कह रही थी- भैया गांड में धीरे से घुसाओ.. प्लीज दर्द होता है।
मैं भी कहाँ रुकने वाला था.. मैं जोर-जोर से उसकी गांड में अपना लण्ड घुसा रहा था।
दोनों नशे में चूर-चूर थे और फिर थोड़ी देर बाद वो भी गांड उठा-उठा कर गांड मरवाने लगी।

रात भर में करीब 6 बार मैंने अपनी बहन की गांड मारी। सुबह जब उसने उठा कर देखा.. तो वो ठीक से चल नहीं पा रही थी।

आपको मैं अपनी बहन की वर्जिनिटी की कहानी बताऊँगा.. उसका बर्थडे अभी 3 दिन बाद ही है।

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